भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त बनाने के लिए एक नया कार्यक्रम शुरू किया गया है, जो विशेष रूप से बच्चों और स्कूलों पर केंद्रित है।
आंध्र प्रदेश सरकार ने हाल ही में एक बड़े डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड पहल की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य राज्य भर के छात्रों के स्वास्थ्य डेटा को इलेक्ट्रॉनिक रूप में सुरक्षित रखना है। इसके तहत सभी बच्चों का स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर रखा जाएगा, जिससे डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी किसी भी समय उनकी चिकित्सा जानकारी आसानी से देख सकेंगे। इस पहल के तहत 1.11 करोड़ बच्चों को Albendazole (डिहॉर्मिंग गोली) भी दी जाएगी ताकि परजीवी संक्रमण को रोका जा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी और बीमारियों के समय पर इलाज में मदद करेगा। स्वास्थ्य रिकॉर्ड के डिजिटल होने से भविष्य में बीमारी के इतिहास, टीकाकरण और अन्य ज़रूरी जानकारी को कहीं भी और कभी भी देखा जा सकेगा।
सरकार का कहना है कि इस प्रकार के कार्यक्रम स्वास्थ्य सेवाओं को गाँवों और दूरदराज इलाकों तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाएँगे और समय पर बीमारी की पहचान तथा इलाज को संभव बनाएँगे।
