देश में डिजिटल भुगतान का चलन लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के माध्यम से होने वाले लेनदेन में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल भुगतान तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सस्ते इंटरनेट, स्मार्टफोन की बढ़ती उपलब्धता और डिजिटल जागरूकता अभियानों के कारण यह वृद्धि संभव हो पाई है। किराना दुकानों से लेकर सब्जी विक्रेताओं तक, अब लगभग हर जगह QR कोड के माध्यम से भुगतान स्वीकार किया जा रहा है।
सरकारी और निजी संस्थानों द्वारा कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे अभियानों का भी सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। कई छोटे व्यापारी अब नकद रखने के बजाय सीधे बैंक खाते में भुगतान प्राप्त करना अधिक सुरक्षित मानते हैं।
डिजिटल भुगतान से न केवल लेनदेन में पारदर्शिता आई है, बल्कि ग्राहकों को भी सुविधा मिली है। महामारी के बाद से लोगों ने संपर्क-रहित भुगतान को अधिक प्राथमिकता दी है, जिससे UPI का उपयोग और बढ़ा है।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले समय में भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल भुगतान बाजारों में अपनी मजबूत स्थिति और पुख्ता करेगा।
